श्री श्री विन्ध्यनिवासिनी आद्या महाशक्ति हैं।विन्ध्याचल सदा से उनका निवास-स्थान रहा है। जगदम्बा की नित्य उपस्थिति ने विंध्यगिरिको जाग्रत शक्तिपीठ बना दिया है।
प्रयाग एवं काशी के मध्य विंध्याचल नामक तीर्थ है जहां माँ विंध्यवासिनी निवास करती हैं। श्री गंगा जी के तट पर स्थित यह महातीर्थ शास्त्रों के द्वारा सभी शक्तिपीठों में प्रधान घोषित किया गया है। यह महातीर्थ भारत के उन 51 शक्तिपीठों में प्रथम और अंतिम शक्तिपीठ है जो गंगातट पर स्थित है।श्रीमद्भागवत महापुराणके श्रीकृष्ण-जन्माख्यान में यह वर्णित है कि देवकी के आठवें गर्भ से आविर्भूत श्रीकृष्ण को वसुदेवजीने कंस के भय से रातोंरात यमुनाजीके पार गोकुल में नन्दजीके घर पहुँचा दिया तथा वहाँ यशोदा के गर्भ से पुत्री के रूप में जन्मीं भगवान की शक्ति योगमाया को चुपचाप वे मथुरा ले आए। आठवीं संतान के जन्म का समाचार सुन कर कंस कारागार में पहुँचा। उसने उस नवजात कन्या को पत्थर पर जैसे ही पटक कर मारना चाहा, वैसे ही वह कन्या कंस के हाथों से छूटकर आकाश में पहुँच गई और उसने अपना दिव्य स्वरूप प्रदर्शित किया। कंस के वध की भविष्यवाणी करके भगवती विन्ध्याचल वापस लौट गई।
मार्कण्डेयपुराणके अन्तर्गत वर्णित श्री दुर्गासप्तशती (देवी-माहात्म्य) के ग्यारहवें अध्याय में देवताओं के अनुरोध पर माँ भगवती ने कहा है-
नन्दागोपग्रिहेजातायशोदागर्भसंभवा, ततस्तौ नाशयिश्यामि विंध्याचलनिवासिनी।
वैवस्वतमन्वन्तर के अट्ठाइसवेंयुग में शुम्भऔर निशुम्भनाम के दो महादैत्यउत्पन्न होंगे। तब मैं नन्द गोप के घर में उनकी पत्नी यशोदा के गर्भ से अवतीर्ण हो विन्ध्याचल में जाकर रहूँगी और उक्त दोनों असुरों का नाश करूँगी। लक्ष्मीतन्त्र नामक ग्रन्थ में भी देवी का यह उपर्युक्त वचन शब्दश:मिलता है। ब्रज में नन्द गोप के यहाँ उत्पन्न महालक्ष्मीकी अंश-भूता कन्या को नन्दा नाम दिया गया। मूर्तिरहस्य में ऋषि कहते हैं- नन्दा नाम की नन्द के यहाँ उत्पन्न होने वाली देवी की यदि भक्तिपूर्वकस्तुति और पूजा की जाए तो वे तीनों लोकों को उपासक के आधीन कर देती हैं।
विन्ध्यस्थाम विन्ध्यनिलयाम विंध्यपर्वतवासिनीम, योगिनीम योगजननीम चंदिकाम प्रणमामि अहम् ।
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Comments
Ram - Apr 7, 2011
maa ki mahima aprampar hai maa vindhayvasini ke saran me jo bhi jata hai uska kalyan ho jata hai
pks - Apr 11, 2011
maa vindhyavasini ki jai ho
JITENDRA - May 24, 2011
MA KE SHARN ME JO JATA HA SACHCHE MAN SE USKE KASHT DUR HO JATA HA
@@# JAI MATA DI #@@
PREM SE BOLO JAI MATA DI
RAKESH - May 24, 2011
JAI MA
maa ki mahima aprampar hai maa vindhayvasini ke saran me jo bhi jata hai uska kalyan ho jata hai
vikaspratap - Oct 18, 2011
mei mata vindhayvasini ki sadhna krunga leki mujhe vindhayvasini yantra nahi mil raha
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rajkumar sharma - Apr 7, 2011
maa jagadamba jagat mata hai.sav ka kalayn karna unaka sabhav hai.davrha baba-gita swami ji maa ananand mayi rajnata kamala pati tripati ko maa ki apar kripa mala thi.ham nay bhi maa ki kripa ka anubhaw kiya hai.jay maa.jai maa